Himanshu Yadav श्रम का महत्व निबंध | Shram Ka Mahatv Nibandh (Essay) | statuswhatsapp.IN - Download Whatsapp Status Video - Love | Attitude | Sad | Romantic | Tamil | Bhojpuri | Marathi

श्रम का महत्व निबंध | Shram Ka Mahatv Nibandh (Essay) | statuswhatsapp.IN


श्रम का महत्व 


Shram Ka Mahatv Niband



           श्रम का अर्थ  मेहनत। लगन और मेहनत से अपना काम करना ही श्रम कहलाता है। श्रम ही जीवन का आधार है और विकास की पहली शर्त है। 

           श्रम सफलता की कुंजी है। अँग्रेज़ी में कहावत है - Work is Worship. सचमुच काम ही परमेश्वर की सच्ची पूजा है और श्रम ही सच्ची साधना है। जहाँ श्रम है, वही स्वावलंबन है। जहाँ स्वावलंबन है, वही स्वर्ग है। किसी की दया पर जीना मृत्यु के सामान है। अपाहिज व्यक्ति भी दुसरे के भरोसे जीना पसंद नहीं करता। वह भी परिश्रम करके इज्जत से रोटी खाना चाहता है।  

           श्रम से ही जीवन चलता है।  किसान के श्रम से ही हम सबका पेट भरता है। मजदूरों के श्रम से ही कल-कारखाने चलते है। चालकों के श्रम से वाहन चलते है अस्पतालों में डॉक्टरों और नर्स के परिश्रम ही मरीज़ो को नया जीवन देता है। विद्यार्थीओ श्रम करके ही विद्या और योग्यता प्राप्त करते है। श्रम में लीन रहकर ही वैज्ञानिक बड़े-बड़े अविष्कार करते है। श्रम के बल पर हुआ है। जापान जैसा छोटा देश अपने देशवासिओ के परिश्रम के कारण ही विश्व में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सका है। यदि सिंह शिकार करने के लिए परिश्रम नहीं करेगा, तो भूखा ही रहेगा। इसमें भाग्य का  क्या दोष? परिश्रम करने वाले स्वय अपने भाग्य के विधाता होते है।

           श्रम करने वाले प्राय: स्वस्थ और निरोगी रहते है। उनकी पाचनशक्ति अच्छी रहती है। श्रम करने से उनका अच्छा व्यायम हो जाता है। इसीलिए उनका शरीर हृष्ट-पुष्ट रहता है। 

            यह दुःख की बात है। की हमारा वर्तमान शिछा-निति हमें श्रम से दूर ले जा रही है।  आज का युअ-वर्ग काम से काम श्रम कर अधिक-से-अधिक धन कामना चाहता है। भारत जैसे विकासशील राष्ट्र के लिए  प्रवित्ति चिंताजनक है। 

           सचमुच परिश्रम वह पारसमणि है, जिसके स्पर्श से लोहा भी सोना बन जाता जाता है। इसलिए श्रम से दूर भागना स्वस्थ मनोवृति का सूचक नहीं है। हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि जीवन में सफलता के फूल श्रम के पौधे पर ही खिलते है। 
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