Himanshu Yadav मेरा प्रिय त्योहार निबंध | Mera Priya Tyauhaar Nibandh (Essay) | statuswhatsapp.IN - Download Whatsapp Status Video - Love | Attitude | Sad | Romantic | Tamil | Bhojpuri | Marathi

मेरा प्रिय त्योहार निबंध | Mera Priya Tyauhaar Nibandh (Essay) | statuswhatsapp.IN


मेरा प्रिय त्योहार




                होली, दीवाली, रक्षाबंधन, दशहरा आदि हमारे मुख्य त्योहार है। इस त्योहारों में रक्षाबंधन का त्योहार मुझे सबसे अच्छा अधिक लोकप्रिय है। यह त्योहार भाई-बहन के शुद्ध और निःस्वार्थ प्रेम का प्रतीक है। भाई-बहन के पवित्र प्रेम के साथ ही इसमें जो सादगी है, वह दूसरे किसी त्योहार में नहीं है। दीवाली में दियो की रोशनी होती है। होली में रंग और गुलाल की धूम मच जाती है। दशहरे के दिन भी बड़ी धूमधाम होती है, लेकिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाने के लिए पवित्र हार्दिक प्रेम के सिवा अन्य किसी भी चीज की जरुरत नहीं पड़ती !

                राखी का त्योहार श्रावणी पूर्णिमा को मनाया जाता है। उस समय मौसम बहुत सुहावना होता है आकाश में बिजली मनो अपने भाई को राखी बढ़ने के लिए अपनी अधीरता प्रकट करती दिखाई देती है। यह त्योहार हर भाई को अपनी बहन के प्रति अपने कर्तव्य की याद दिलाती है। बहन भाई को प्यार से राखी बांधती है और भाई मन-ही-मन अपनी बहन की रक्षा की जिम्मेदारी स्वीकार करता है। राखी से भाई-बहन के बीच स्नेह का पवित्र बंधन और भी मजबूत हो जाता है। 

               अभी तक लोग यही मानते आये है की अबला होने के नाते नारी राखी बांधकर अपनी रक्षा का भार भाई पर डालती है। किन्तु वास्तव में वह भाई को केवल अपनी रक्षा का ही नहीं, और साहस का मंत्र देती है। और उसके कल्याण की  कल्याण की कामना करती है। इसलिए ऐसे पवित्र त्योहार को उत्साह और आनंद से मानना चाहिए। 

               चितौड़ की राजमाता कर्मवती ने मुग़ल बादशाह हुमायूँ को राखी भेजकर उसे अपना भाई बनाया था और वह संकट के समय बहन कर्मवती की रक्षा के लिए चितौड़ पहुंच गया था। हुमायूँ ने गुजरात के बादशाह बहादुर शाह के साथ युद्ध करने का निश्चय किया। यह राखी की ही शक्ति थी की हुमायूँ ने खुद मुसलमान होकर भी एक हिन्दू नारी के लिए एक मुसलमान बादशाह से युद्ध किया !  

               मेरी इकलौती बहन मुझसे दूर रहती है। इसलिए रक्षाबंधन के दिन वह जब हमारे घर आती है, तब मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता। बचपन की स्मिरीतिया उमड़ पड़ती है  और ख़ुशी के मारे मेरे आँशू  ढुलक पड़ते है। बहन की ममता, स्नेह और मंगल  भावनाये मुझे  नवजीवन प्रदान करती है। मुझे अनोखे आनंद का अनुभव होता है। रक्षाबंधन का त्योहार 'भैया , मेरे राखी के बंधन को न भुलाना ' कहने वाली बहन की याद हमेशा तरोताजा बनाये रखता है। इसलिए यह मेरा प्रिय त्योहार है। 
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