Himanshu Yadav मेरा प्रिय खेल निबंध | Mera Priya Khel Nibandh (Essay) | statuswhatsapp,IN - Download Whatsapp Status Video - Love | Attitude | Sad | Romantic | Tamil | Bhojpuri | Marathi

मेरा प्रिय खेल निबंध | Mera Priya Khel Nibandh (Essay) | statuswhatsapp,IN


मेरा प्रिय खेल




          बचपन से ही मैं खेल-कूद का शौकीन रहा हूँ। हॉकी, बैडमिंटन,क्रिकेट, कब्बडी आदि सभी खेलो में मुझे दिलचस्पी है, किन्तु इस तमाम खेलो में क्रिकेट का खेल मुझे अधिक प्रिय है। आज सारा विश्व क्रिकेट को 'खेलो का राजा' मानता है। क्रिकेट ने लोगो के दिलो को जीत लिया है। क्रिकेट मैच का नाम सुनते ही लोग उसे देखने के लिए अधीर हो उठते है। जो लोग मैच देखने नहीं जा सकते, वे टी.वी. पर उसे देखना या रेडिओ पर उसकी कमेंट्री सुनना नहीं चूकते। अखबारों के पन्ने क्रिकेट के समाचारो से भरे होते है। सचमुच, क्रिकेट एक अनोखा खेल है।

          क्रिकेट का शौक मुझे अपने बड़े भाई से मिला है। उन्होंने हमारे मुहल्ले के कुछ मित्रों की एक टीम बनाई थी। यह टीम छुट्टियों के दिन मैदान में क्रिकेट खेलने जाती थी।मै भी उन सबके साथ खेलने लगा। एक दिन मेरे बल्ले ने दनादन तीन चौके फटकार दिए। सबने मुझे शबासी दी। बस, उसी दिन से क्रिकेट मेरा प्रिय खेल बन गया। धीरे-धीरे भाईसाहब  ने मुझे इस खेल के सभी दाँव-पेच  सिखा दिए।

          मै हररोज शाम को अपने मित्रों के साथ क्रिकेट खेलता हूँ। क्रिकेट खेलने के विविद्य मैच ने मैं अवश्य देखता हूँ। मै अपने फुरसत के समय क्रिकेट-सम्बन्धी पत्रिकाए पढ़ता हूँ। अखबारों में प्रकाशित क्रिकेट-सम्बन्धी लेखो और एव चित्रों का मैने अच्छा-खासा संग्रह तैयार किया है। क्रिकेट के सभी प्रसिद्ध खिलाड़िओ के चित्र मेरे एल्बम में है। सचनुच क्रिकेट का नाम सुनते ही मैं ख़ुशी से उछल पड़ता हूँ।

          पिछले साल मैं अपने स्कूल के क्रिकेट-दल का कप्तान था। सालभर में जितने मैच खेले गए थे, उन सबमे हमारे दल की जीत हुई थी। आज मैं अपने स्कूल के छात्रों का प्रिय खिलाडी हूँ। अध्यापक मुझपे गर्व करते है। सब लोग मुझे अपने स्कूल का जूनियर 'सचिन' मानते है।

         क्रिकेट के खेल से अच्छा व्यायाम हो जाता है। इससे शरीर फुर्तीला बना रहा है। अनुशासन, कर्त्तव्य-परायणता सहयोग की शिछा भी क्रिकेट से मिलती है। क्रिकेट का खिलाडी न तो विजय मिलने पे गर्व करता है और न हरने पर नीरास होता है। इसके अतिरिक्त इस खेल द्वारा नाम और दाम दोनों पाने की भरपूर गुंजाइस रहती है।

         आज मुझसे जो शारीरिक शक्ति और मानसिक छमता है, उसमे क्रिकेट का काफी योगदान है। मै इस खेल का बहुत ऋणी हूँ। क्रिकेट को अपना सर्वाधिक प्रिय खेल बनाकर मै इस खेल का बहुत ऋणी हूँ। क्रिकेट को अपना सर्वाधिक प्रिय खेल बनाकर 
मैं इस ऋणी को उतरना चाहता हूँ। हो सकता है, यह खेल मेरे भावी जीवन में चार चाँद लगा दे !
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