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हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी निबंध | Hamari Rashtrabhasha Hindi Nibandh | statuswhatsapp.IN

Hamari Rashtrabhasha Hindi Essay




हमारी राष्ट्रभाषा हिंदी



             हमारा भारत एक विशाल देश है। यहाँ प्रत्येक प्रांत की अपनी विशेष भाषा है। उत्तर दक्षिण भारत की भाषाओ में काफी भिन्नता है। देश में एक आम भाषा न होने पर भिन्ह-भिन्ह प्रांतो के लोगो  का मेल-मिलाप बहुत कठिन हो जाता है। इसीलिए हमारे यहाँ  उत्तम संपर्क भाषा का होना बहुत जरुरीहै है। यही कारण है कि स्वतंत्र भारत के सविंधान में हिंदी को भारत की राष्ट्रभाषा का दर्जा दिया गया है।

             राष्ट्रभाषा हिंदी बहुत पहले से देश की संपर्क भाषा रही है। वह देश  की सबसे अधिक प्रचिलित भाषा है।  भारतभर में भ्रमण करने वाले हज़ारो साधु-संत इसी भाषा का प्रयोग करते है। देश के अधिकतर भागो में हिंदी बोली, पढ़ी और लिखी जाती है। लगभग सभी प्रांतों  में लोग हिंदी भली-भाँति समझ लेते है। 

            हिंदी सरल भाषा है। उसकी लिपि संस्कृत भाषा की देवनागरी है। उसे सीखना बहुत आसान है। इसलिए उसका पुरे देश में प्रचार हुआ है। आज अहिंदीभाषी प्रदेशो के लोग भी अच्छी हिंदी बोल लेते है। सरकारी कर्मचारीओ के लिए भी हिंदी सहज और सुगम है। हिंदीभाषी लेखक और कवि भी हिंदी में उतकृष्ट रचनाएँ करते है। 

            हिंदी में लोगो तक पहुँचने की शक्ति है। आजादी की लड़ाई में हिंदी में भी एक भावशाली हथियार बन गयी है। देश के नेता हिंदी में ही भाषण देते थे। और लोगो में अद्भुत जागृति  करते थे। महात्मा गाँधी देश के गाँव-गाँव में जाकर हिंदी में ही जनता को संबोधित करते थे। हिंदी में लिखे क्रन्तिकारी गीतों ने भारतवासिओ में आजादी का जबरदस्त जोश पैदा कर दिया था

"आज हिमालय की चोटी से फिर हमने ललकारा है। 
दूर हटो ऐ दुनियावालो ! हिंदुस्तान हमारा है। "

           राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी देश एकता की भाषा है। आज देश के हर भाग में हिंदी बोली जाती है। हिंदी अखबार और पत्र-पत्रिकाओं का भी देश में सर्वत्र बहुत प्रचार है। रेलगाडीयों में यात्री भी परस्पर प्राय: हिंदी में ही बात करते है। हमारी सेना में भी हिंदी का प्रयोग होता है। इस तरह देश को एक और अखंड बनाने में हिंदी का बहुत बड़ा हाथ है। 

           राष्ट्रभाषा हिंदी एक समृद्धि भाषा है। इस भाषा में देश की मिट्टी की महक है। इसका साहित्य बहुत ऊँचे  दर्ज़े का है।  लगभग सभी विषयो पर हिंदी में पुस्तके उपलब्ध है। आज विदेशो में भी हिंदी के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है। हिंदी फिल्मे बरसो से मनोरंजन  का प्रमुख साधन रही है। दूरदर्शन पर दिखाए जाने वाले हिंदी धारावाहिक खूब लोकप्रिय हो रहे है।  इसमें संदेह नहीं है कि हिंदी एक जानदार भाषा है। 

           इतना होने पर भी हमारे देश में आज भी अंग्रेज़ी का बहुत महत्व है। अच्छी नौकरी या ऊँचे पद पाने के लिए अँग्रेज़ी का ज्ञान अनिवर्य समझा जाता है। पर अँग्रेज़ी कभी हमारी राष्ट्र भाषा नहीं बन सकती, क्योकि इस विदेशी भाषा को बहुत काम लोग समझते है। इस भाषा  देश की आत्मा और संस्कृति की वास्तविक अभिव्यक्ति नहीं हो सकती। निःसन्देह हिंदी सच्चे अर्थो में  देश की राष्ट्रभाषा है। इसीलिए  हिंदी की शिछा एव प्रसार को उचित महत्व देना चाहिए। 


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