Himanshu Yadav मेरा प्रिय ऋतु निबंध | Mera Priya Ritu Nibandh (Essay) | statuswhatsapp.IN - Download Whatsapp Status Video - Love | Attitude | Sad | Romantic | Tamil | Bhojpuri | Marathi

मेरा प्रिय ऋतु निबंध | Mera Priya Ritu Nibandh (Essay) | statuswhatsapp.IN


मेरा प्रिय ऋतु




           हेमंत, शिशिर, वसंत, ग्रीष्म, वर्षा और शरद इन छह ऋतुओ का जो सुंदर क्रम हमारे देश में है, वह दुसरे देशो में नहीं पाया जाता है। प्रत्येक ऋतु की अपनी छटा होती है, अपना आकर्षण होता है। इन सभी ऋतुओ में मुझे वसंत ऋतु सबसे अच्छा अधिक प्रिय है। शिशिर का अंत होते ही वसंत की सवारी सज-धज के साथ आ पहुँचती है। बागो में, वाटिकाओं में, वनो में प्रकृति उसके स्वागत की तैयारियॉँ करने  लगती है। कलियाँ अपने घुंगट खोल देती है। जूही, चंपा, चमेली, केतकी, गुलाब आदि फूल अपनी सुगंध बिखेर देते है। भौरे गूँज उठते है और तितलियाँ अपने चटकीले-चमकीले रंगो से ऋतुराज का स्वागत करने के लिए तैयार हो जाती है।  धरती के कण-कण में नया जीवन नजर आने लगता है।

           सचमुच, वसंत की शोभा मेरे हृदय को उल्हास से भर देती है।  एक और शीतल, मंद, सुंगंधित पवन के मधुर झोके मन को मतवाला कर देते है, तो दुसरी ओर फुलवारियो की बहार बुढो को भी जवान बना देती है। खिलती कलियाँ देखकर मेरे जी की कली भी खिल उठती है। एक ओर प्रकृति के रंग और ऊपर से रंगभरी होली ! अबीर-गुलाल के रूप में मानो हृदय का  प्रेम ही उमड़ पड़ता है। ऐसा, मनभाव वसंत मुझे प्रिय क्यों न हो ?

           कुछ लोग वर्षा को वसंत ऋतू से बेहतर मानते है। पर कहा वर्षा का कीच-पिच भरा मौसम और कहाँ वसंत की बहार ! सरद की शोभा भी वसंतश्री के सामने फीकी पड़ जाती है। वसंत, सचमुच, ऋतुराज है। 

           वसंत का आगमन होते ही मेरे मन में इन्द्रदनुष के रंगो की बहार छा जाती है और मेरी कल्पना तरंगित हो उठती है। बागो में सैर करते मन नहीं भरता। मेरी आँखों पर प्रकृति के आकर्षण का चश्मा लग  जाता है और मेरे दिल में उमंगों का सूर्योदय हो जाता है। कोयल के गीत मुझे कविता लिखने की प्रेरणा डेते है। फूल मन को गुनगुनाना सिखाता है। 

           ऐसी अनोखी और मनभावन है मेरी प्रिय ऋतु वसंत ! मैं हर साल इसकी प्रतीक्षा करता रहता हूँ। 
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